उत्तरप्रदेश के आगरा के पास स्थित एक गांव है – सलेमाबाद। गांव में एक प्राचीन शिव मंदिर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां
Read full story...शलमाला नदी में एक साथ बने है हज़ारों शिवलिंग, नदी की धारा स्वयं करती है अभिषेक
शलमाला नदी में एक साथ बने है हज़ारों शिवलिंग – कर्नाटक के एक शहर सिरसी में शलमाला नाम की नदी बहती है। यह नदी अपने
Read full story...ममलेश्वर महादेव मंदिर
क्या आपने कभी 200 ग्राम वजन का गेंहूं का दाना देखा है वो भी महाभारत काल का यानी की 5000 साल पुराना? यदि नहीं तो
Read full story...बिजली महादेव
भारत में भगवन शिव के अनेक अद्भुत मंदिर है उन्हीं में से एक है हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्तिथ बिजली महादेव। कुल्लू का पूरा
Read full story...बाबा तामेश्वरनाथ धाम
आज हम आपको एक ऐसे प्राचीन मंदिर के बारे में बताने जा रहा है, जहां पर पांडवों की माता कुंती ने सबसे पहले पूजा की
Read full story...नागचंद्रेश्वर मंदिर
हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है।
Read full story...टूटी झरना मंदिर
झारखंड के रामगढ़ में एक मंदिर ऐसा भी है जहां भगवान शंकर के शिव लिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं माँ गंगा करती हैं।
Read full story...कामाख्या शक्तिपीठ से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
कामाख्या शक्तिपीठ गुवाहाटी (असम) के पश्चिम में 8 कि.मी. दूर नीलांचल पर्वत पर है। माता के सभी शक्तिपीठों में से कामाख्या शक्तिपीठ को सर्वोत्तम कहा
Read full story...काठगढ़ महादेव
हिमाचल प्रदेश की भूमि को देवभूमि कहा जाता है। यहां पर बहुत से आस्था के केंद्र विद्यमान हैं। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के इंदौरा
Read full story...असीरगढ़ का किला
महाभारत के बारे में जानने वाले लोग अश्वत्थामा के बारे में निश्चित तौर पर जानते होंगे। महाभारत के कई प्रमुख चरित्रों में से एक अश्वत्थामा
Read full story...भील-भीलनी की शिव भक्ति
सिंहकेतु पांचाल देश का एक राजा था। राजा बहुत बड़ा शिवभक्त था। शिव आराधना और शिकार उसके दो चीजें प्यारी थीं। वह शिकार खेलने रोज
Read full story...यहाँ पर है लाख छिद्रों वाला शिवलिंग (लक्षलिंग)
लक्ष्मणेश्वर महादेव (लाख छिद्रों वाला शिवलिंग) मंदिर जो की शिवरीनारायण से 3 किलोमीटर और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 120 किलोमीटर दूर खरौद नगर में
Read full story...तपस्या का फल
भगवान शंकर को पति के रूप में पाने हेतु माता पार्वती कठोर तपस्या कर रही थी। उनकी तपस्या पूर्णता की ओर थी। एक समय वह
Read full story...भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र
भगवान विष्णु के हर चित्र व मूर्ति में उन्हें सुदर्शन चक्र धारण किए दिखाया जाता है। यह सुदर्शन चक्र भगवान शंकर ने ही जगत कल्याण
Read full story...श्रीराम और शंकरजी का युद्ध
बात उन दिनों कि है जब श्रीराम का अश्वमेघ यज्ञ चल रहा था. श्रीराम के अनुज शत्रुघ्न के नेतृत्व में असंख्य वीरों की सेना सारे
Read full story...हनुमान अवतार
सामान्यत: लंकादहन के संबंध में यही माना जाता है कि सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचे और रावण के पुत्र सहित अनेक राक्षसों का
Read full story...कण्णप्प की भक्ति
भील कुमार कण्णप्प वन में भटकते-भटकते एक मंदिर के समीप पहुंचा। मंदिर में भगवान शंकर की मूर्ति देख उसने सोचा- भगवान इस वन में अकेले
Read full story...ग्रहपत्यावतार
भगवान शंकर का सातवां अवतार है गृहपति (ग्रहपत्यावतार)। यह अवतार हमें संदेश देता है कि हम जो भी कार्य करें उसके केंद्र में भगवान को
Read full story...केतकी के पुष्प
एक बार ब्रह्माजी व विष्णुजी में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के कारण श्रेष्ठ होने का
Read full story...51 शक्तिपीठ
ब्रह्मा के पुत्र प्रजापति दक्ष की पुत्री सती से भगवान शिव का विवाह हुआ। कुछ समय बाद दक्ष को पूरे ब्रह्माण्ड का अधिपति बना दिया
Read full story...चंद्रमा को शाप से मुक्ति
चंद्रमा की सुंदरता पर राजा दक्ष की सत्ताइस पुत्रियां मोहित हो गईं. वे सभी चंद्रमा से विवाह करना चाहती थीं. दक्ष ने समझाया सगी बहनों
Read full story...अर्धनारीश्वर
हिमाचल प्रदेश की भूमि को देवभूमि कहा जाता है। यहां पर बहुत से आस्था के केंद्र विद्यमान हैं। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के इंदौरा
Read full story...नंदी नंदीश्वर हो गए
पुराणों में यह कथा मिलती है कि शिलाद मुनि के ब्रह्मचारी हो जाने के कारण वंश समाप्त होता देख उनके पितरोंने अपनी चिंता उनसे व्यक्त
Read full story...शिव जी को श्राप
ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार एक बार नारद जी ने श्री नारायण से पूछा कि प्रभु आप बहुत विद्वान है और सभी वेदों को जानने वाले हैं।
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